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बवासीर के मस्से सुखाने के उपाय
बवासीर, जिसे अंग्रेजी में “Piles” या “Hemorrhoids” कहा जाता है, एक प्रकार की गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जिसमें गुदा या निचले बाहरी रेक्टम में मस्से या गांठे बन जाती हैं। यह मस्से दर्द, खुजली, और कभी-कभी रक्तस्राव का कारण बन सकते हैं। बवासीर के मस्से को सुखाने के लिए कुछ प्राकृतिक और घरेलू उपाय हैं जो इस समस्या को राहत दिला सकते हैं। यहां उन्हीं उपायों का विस्तार से वर्णन किया गया है:
सही आहार
बवासीर (piles) के इलाज में सही आहार एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सही आहार बवासीर के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है और इस समस्या को दूर करने में सहायक हो सकता है। निम्नलिखित आहार उपाय बवासीर के मरीजों के लिए सुझावित हैं:
फाइबर युक्त आहार
- फाइबर युक्त आहार बवासीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। फाइबर आहार पेट साफ करने में मदद करता है और आंतरिक रुकावट को कम करता है। इससे बवासीर के लक्षणों में राहत मिलती है।
- फल : अंगूर, सेब, संतरा, अनार, केला, आम, अंगूर, आदि।
- सब्जियां : गाजर, शलगम, बीन्स, ब्रोकोली, गोभी, लौकी, बैंगन, पालक, टमाटर, अदरक, और मिर्च।
- अनाज और दालें : गेहूं, ब्राउन राइस, ओट्स, मक्का, चना, राजमा, मूंग दाल, तूर दाल, और चने।
- ब्रैन से छिलका हटाएं : अगर फल और सब्जियों की छिलका खाने से आपको असहजता होती है, तो उन्हें अच्छे से धोकर खाएं या छिलका हटा दें।
पानी पीना
- अच्छे मात्रा में पानी पीना भी बवासीर के लिए महत्वपूर्ण है। यह पेट साफ रखने में मदद करता है और बवासीर के लक्षणों को कम कर सकता है।
दूध और दूध उत्पाद
- दूध, दही, पनीर, घी, और छाछ बवासीर के मरीजों के लिए फायदेमंद हैं। ये उत्तम कैल्शियम स्रोत होते हैं जो आंतरिक स्वास्थ्य को सुधारने में मदद कर सकते हैं।
अजवाइन और जीरा
- अजवाइन और जीरा खाने से पेट की सफाई होती है और बवासीर के लक्षणों को कम कर सकते हैं।
अन्य सुझाव
- मौसम के हिसाब से गर्मी में अधिक तरीके से पानी, ताज़ा फल, सलाद और शीतकाल में अधिक दालें, सब्जियां, और गरम पानी की चाय और सूप पीना फायदेमंद है।
प्रोबायोटिक्स
- दही, छाछ, और प्रोबायोटिक्स युक्त उत्पाद जैसे की किस्मिश, गुड़, अनाज ब्रेड, आदि भी बवासीर के लिए उपयोगी हो सकते हैं।
अवॉइड करें
- तली हुई चीजें, अधिक मसालेदार खाद्य, जंक फूड, अधिक चाय और कॉफी, अल्कोहल, और धूम्रपान से बचें।
विटामिन सुप्लीमेंट्स
- इन आहार उपायों का पालन करके बवासीर के मरीज अपने स्वास्थ्य को सुधार सकते हैं और लक्षणों में राहत पा सकते हैं। यहां दी गई जानकारी के आधार पर आप अपने डॉक्टर से भी परामर्श ले सकते हैं, विशेषतः यदि आपके लिए कोई खास स्वास्थ्य स्थिति है।
नियमित व्यायाम
बवासीर (Piles) के मरीजों के लिए नियमित व्यायाम करना बहुत महत्वपूर्ण है। व्यायाम से पेट की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, पाचन तंत्र सुधारता है, और बवासीर के लक्षणों को कम करने में मदद करता है। यहां कुछ व्यायाम की जरूरी बातें हैं जो बवासीर के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकती हैं:
पसीना बहाने वाले व्यायाम
- योग, व्यायाम, और आरोबिक्स जैसे कार्डियो व्यायाम बवासीर के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं।
- धीरे-धीरे चलना, जॉगिंग, साइकिलिंग, और स्विमिंग भी उपयोगी हो सकते हैं।
पेल्विक फ्लोर व्यायाम
- पेल्विक फ्लोर को मजबूत करने के लिए कुछ व्यायाम होते हैं जैसे की केगल एक्सरसाइज़।
- केगल एक्सरसाइज़ द्वारा पेल्विक मस्से की मांसपेशियों को मजबूत किया जा सकता है जो बवासीर को कम करने में मदद करता है।
योगासन
- योग बवासीर के मरीजों के लिए बहुत ही लाभकारी हो सकता है। जाने मालासन, वज्रासन, उत्तानपादासन, भद्रासन, और विपरीतकरणी योग जो बवासीर के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं।
उपायुक्त बैठने का तरीका
- सिड़ी और आंतरिक मरोड़ी के लक्षणों को कम करने के लिए पेल्विक टिल्ट योगासन भी उपयोगी हो सकता है।
- बैठते समय पेल्विक टिल्ट का प्रयोग करना बवासीर में आराम प्रदान कर सकता है।
ध्यान और प्राणायाम
- मेडिटेशन और प्राणायाम भी बवासीर के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं।
- अनुलोम विलोम, भ्रामरी, कपालभाति, और भस्त्रिका प्राणायाम बहुत ही उपयोगी हो सकते हैं।
सुविधाजनक व्यायाम
- बवासीर के मरीजों के लिए जोड़ों के जोड़ को नुकसान न हो, इसे सुविधाजनक व्यायाम चुनना बेहद महत्वपूर्ण है।
- स्विमिंग, स्टेशनरी साइकिल, या व्यायाम साधन का प्रयोग कर सकते हैं।
नियमित व्यायाम करने से आंतरिक रोगी मांसपेशियों को मजबूती मिलती है, खून की संचारित क्षमता बढ़ती है, और पेट साफ़ रहता है। यह बवासीर के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है और इस समस्या को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है।
लेकिन, सभी व्यायाम का पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूरी होता है, विशेषतः यदि आपके लिए कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है। उसके बाद ही आपको योगासन और व्यायाम की सही शुरुआत करनी चाहिए। आपके डॉक्टर को आपके व्यायाम के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देनी चाहिए ताकि वे आपके स्वास्थ्य स्तिति के अनुसार सटीक सलाह दे सकें।
सही बैठने का तरीका
बवासीर (Piles) में सही बैठने का तरीका बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि गलत बैठने की आदत या गलत पोस्चर बवासीर के लक्षणों को बढ़ा सकते हैं और दर्द या संयोजन को बढ़ा सकते हैं। बवासीर के मरीजों को निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए सही बैठने के दौरान:
सीधे बैठें
- सीधे बैठना बवासीर के लिए सबसे अच्छा होता है। कुर्सी पर बैठने के लिए जितना हो सके सीधा बैठें, और अपनी पीठ को कुर्सी के पिठ से संपर्क में रखें।
नरम कुर्सी का इस्तेमाल
- अगर आप कुर्सी पर बैठते हैं, तो नरम और सुविधाजनक कुर्सी का इस्तेमाल करें। यह बवासीर के दर्द को कम कर सकता है।
ज्यादा समय तक नहीं बैठें
- लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने से बवासीर के लक्षण बढ़ सकते हैं। हर 30 मिनट के बाद ठहरना और थोड़ा व्यायाम करना चाहिए।
नीचे कुर्सी पर पैर रखें
- अगर बार तक कुर्सी पर बैठने की स्थिति में हैं, तो पैर को कुर्सी के नीचे रखने की कोशिश करें। यह गुदा के नीचे की रक्तसंचार को बेहतर बना सकता है।
घुटने मोड़ें
- बैठते समय अपने घुटनों को थोड़ा मोड़ कर बैठें। यह आपके लिए आरामदायक हो सकता है और गुदा की दबाव कम कर सकता है।
स्वस्थ पोस्चर
- सीधे बैठते समय अपनी पीठ को सही पोस्चर में रखें। यानी कंधे सीधे, पीठ सीधी, और गर्दन संरेखित होनी चाहिए।
टोयलेट पर ध्यान
- टोयलेट पर ज्यादा समय तक बैठने से बवासीर की समस्या बढ़ सकती है। टोयलेट पर बैठने का समय कम करें और पेट साफ करने के लिए प्राकृतिक और फाइबर युक्त आहार लें।
उच्चाधरण का इस्तेमाल
- अगर आपके पास बार तक बैठने की अवस्था में नहीं बदल सकती कुर्सी है, तो उच्चाधरण का इस्तेमाल करें। इससे गुदा का दबाव कम हो सकता है।
सहायक उपकरण का इस्तेमाल
- कुछ लोगों के लिए सहायक उपकरण उपयोगी हो सकते हैं, जैसे की हेमोरोइड सीट या डोनट सीट। ये सीट गुदा के दबाव को कम कर सकती हैं।
- सही बैठने के उपायों का पालन करने से बवासीर के मरीज अपने लक्षणों को कम कर सकते हैं और उससे होने वाले दर्द को भी कम कर सकते हैं। इन उपायों के अलावा, सही खानपान, नियमित व्यायाम, और डॉक्टर की सलाह भी बहुत महत्वपूर्ण हैं। बवासीर के मरीजों को अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए।
होम्योपैथिक दवाएं
- अर्निका, हैमेमेलिस, रूटन, सल्फर, कार्बो वेज, ऐनलोसिस, और बच ये होम्योपैथिक दवाएं बवासीर के लक्षणों को सुखाने में मदद कर सकती हैं।
संतुलित वजन
- अत्यधिक वजन उठाने से बवासीर की समस्या बढ़ सकती है। संतुलित वजन बनाए रखना बवासीर से बचाव के लिए महत्वपूर्ण है।
अवश्यक विशेषज्ञ सलाह
- अगर आपका वजन बहुत ज्यादा है और आप इसे कम करने में समस्या का सामना कर रहे हैं, तो एक न्यूनतम आहार पर निगरानी रखने वाले डाइटीशियन से परामर्श लें।
ठंडा पदार्थों का उपयोग
बवासीर (Piles) के मरीजों के लिए ठंडा पदार्थों का उपयोग करना एक अच्छा उपाय हो सकता है जो लक्षणों को कम कर सकता है और दर्द और जलन में राहत प्रदान कर सकता है। ये ठंडे पदार्थ गुदा क्षेत्र में सूजन और चुभन को कम करने में मदद करते हैं। निम्नलिखित ठंडे पदार्थों का उपयोग किया जा सकता है:
- ठंडा पानी का प्रयोग: ठंडे पानी से इस्तन बराबर कर सकते हैं। गरम पानी के स्थान पर, बवासीर के मरीज ठंडे पानी का उपयोग करके गुदा क्षेत्र को सुखाने में मदद प्राप्त कर सकते हैं। यह लक्षणों को कम करने में सहायक हो सकता है।
- ठंडा बाथ: ठंडे पानी में नमक या बेकिंग सोडा मिलाकर बाथ लेना भी बवासीर के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है। इससे सूजन कम होती है और दर्द में राहत मिलती है।
- ठंडे तेल का मसाज: ठंडे तेल जैसे की नारियल तेल, जैतून तेल, या कोकोनट ऑयल का गुदा क्षेत्र में मसाज करना भी लक्षणों को कम करने में मददगार हो सकता है।
- ठंडे दूध या दही का इस्तेमाल: बवासीर के मरीजों को ठंडे दूध या दही का उपयोग भी किया जा सकता है। इससे गुदा क्षेत्र को ठंडा करके दर्द में राहत मिल सकती है।
- ठंडे पत्ते या ताजे फलों का उपयोग: ठंडे पत्ते जैसे की टमाटर, ककड़ी, या आलूबुखारा के स्लाइस को गुदा क्षेत्र पर लगाने से भी लक्षणों में आराम मिल सकता है। इनमें विशेषतः आलूबुखारा और टमाटर में आंशिक रूप से ऑक्सिडेंटल अल्कोहल होती है जो लक्षणों को कम करने में मदद करती है।
- ठंडा चाय बैग्स: ठंडे चाय बैग्स को गुदा क्षेत्र पर लगाने से भी लक्षणों में राहत मिल सकती है। चाय में मौजूद तनाव कम करने और गुदा क्षेत्र को सुखाने में मदद मिल सकती है।
- ठंडी स्थिरता: अगर आप बैठे हैं, तो गुदा क्षेत्र को ठंडा रखने के लिए ठंडी स्थिरता का उपयोग कर सकते हैं। इससे लक्षणों में आराम मिल सकता है।
ये थे कुछ ठंडे पदार्थ जो बवासीर के मरीजों के लिए उपयोगी हो सकते हैं। ध्यान रहे कि ये केवल लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं और उपचार के रूप में नहीं देखे जाने चाहिए। यदि आप बवासीर के लिए किसी उपचार का विचार कर रहे हैं, तो अपने डॉक्टर से परामर्श करें और उनकी सलाह लें।
सारांश
बवासीर के मस्से से राहत प्राप्त करने के लिए ऊपर दिए गए उपायों का पालन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। सही आहार, नियमित व्यायाम, सही बैठने का तरीका, होम्योपैथिक दवाएं और संतुलित वजन इन सभी स्थितियों में मददगार साबित हो सकते हैं।
बवासीर के मस्से सुखाने के उपायों का पालन करके आप इस समस्या से निजात पा सकते हैं और अपने स्वास्थ्य को सुधार सकते हैं। यहां दी गई जानकारी के आधार पर आपको अपने डॉक्टर से परामर्श लेना और उनकी सलाह का पालन करना चाहिए।
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FAQ | बवासीर के मस्से सुखाने के उपाय
Q1. बवासीर के मस्से सुखाने के लिए कितने दिनों तक उपाय करना चाहिए?
Ans – इसका उत्तर व्यक्ति की स्थिति पर निर्भर करता है। अक्सर इसमें सुधार 1-2 हफ्ते में दिखाई देने लगता है, लेकिन सही उपायों का लंबे समय तक पालन करना चाहिए।
Q2. क्या बवासीर के मस्से स्वयं ठीक हो सकते हैं?
Ans – जी हां, सही आहार, व्यायाम, और दवाइयों के साथ बवासीर के मस्से स्वयं सुख सकते हैं। लेकिन अगर लक्षण बढ़ रहे हैं तो डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
Q3. क्या बवासीर के मस्से से बचने के लिए कुछ बचाव उपाय हैं?
Ans – हां, सही खान-पान, सही बैठने का तरीका, योग और व्यायाम, और सही वजन बनाए रखना बवासीर से बचने में मददगार हो सकता है।









