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मोटे होने वाले थायराइड के लक्षण
थायराइड ग्रंथि शरीर के उत्पादन और संग्रहण के लिए महत्वपूर्ण है। यह ग्रंथि थायराइड हार्मोन के निर्माण का जिम्मेदार होती है, जो शरीर के मेटाबोलिज्म को नियंत्रित करते हैं। थायराइड ग्रंथि के कारण अगर हार्मोन्स में कोई असंतुलन हो जाता है, तो यह व्यक्ति के वजन पर भी असर डाल सकता है। मोटे होने वाले थायराइड के लक्षण कई तरह के हो सकते हैं, जिन्हें पहचान कर सही उपचार करना महत्वपूर्ण है। इस लेख में हम इन लक्षणों पर ध्यान देंगे जिनसे थायराइड संबंधित मोटापे का संकेत मिल सकता है।
वजन बढ़ना
थायराइड ग्रंथि के संबंधित समस्याएँ वजन में बढ़ोतरी का कारण बन सकती हैं। इस वजन में वृद्धि के साथ-साथ कई अन्य लक्षण भी हो सकते हैं। ये लक्षण व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। ये हैं कुछ मुख्य थायराइड समस्याओं के लक्षण जिनमें वजन में वृद्धि भी शामिल हो सकती है:
- शिथिल मांसपेशियाँ (मसल्स अट्रोफी): थायराइड अधिकतम प्रदर्शन में कमी होने से, शिथिल मांसपेशियाँ हो सकती हैं जिससे वजन में वृद्धि हो सकती है।
- बढ़ता भार (Weight Gain): हाथ पैर सहित शरीर के सभी हिस्सों में वजन का बढ़ जाना एक सामान्य थायराइड समस्या है।
- उच्च थकान (Fatigue): व्यक्ति को अन्यायक्रिया के कारण उच्च थकान महसूस हो सकती है।
- शीतलता या सर्दीयाँ (Sensitivity to Cold): थायराइड अधिकतम प्रदर्शन में कमी होने पर रक्त संचार में विचलन होता है जिससे व्यक्ति ठंडे मौसम में अधिक संवेदनशील हो सकता है।
- बालों में परिवर्तन (Hair Changes): थायराइड समस्या से बालों के झड़ने की समस्या हो सकती है।
- ध्यान केंद्रित नहीं रहना (Difficulty Concentrating): थायराइड समस्याएं मानसिक स्पष्टता में कमी कर सकती हैं जिससे व्यक्ति को ध्यान केंद्रित करने में मुश्किल हो सकती है।
- बढ़ी हुई और पुष्ट आवाज (Hoarseness and Heaviness): व्यक्ति को गले में गांठ होने के कारण वाणी में बदलाव भी हो सकता है।
- मासिक धर्म में अनियमितता (Irregular Menstruation): महिलाओं में, थायराइड समस्याएं मासिक धर्म में अनियमितता या अधिक प्रवाह की समस्या का कारण बन सकती हैं।
यदि आपको लगता है कि आपके वजन बढ़ने का कारण थायराइड समस्या हो सकती है, तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। डॉक्टर आपके लक्षणों का विश्लेषण करेंगे और उचित उपचार का सुझाव देंगे। वे आपके लिए आवश्यक टेस्ट और जाँच करेंगे ताकि सही निदान और उपचार की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं
गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (GI) समस्याएँ भी कई बार वजन में वृद्धि का कारण बन सकती हैं। जब थायराइड समस्याएं गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल प्रणाली को प्रभावित करती हैं, तो ये कुछ लक्षण हो सकते हैं:
- आपच (Indigestion): यह एक सामान्य GI समस्या है जिसमें व्यक्ति को भूख का अहसास होता है, लेकिन भोजन के पचन में कठिनाई होती है। इसके कारण वजन में वृद्धि हो सकती है।
- पेट की समस्याएं (Stomach Issues): अगर आपको अच्छे पेट की समस्या हो तो आपके पेट में इंफ्लेमेशन, गैस, या ब्लोटिंग हो सकती है जिससे वजन बढ़ सकता है।
- बदहजमी (Heartburn): यह एसिडिटी के कारण हो सकती है, जिससे खाने के बाद ऊपरी पेट में जलन या आग जलने जैसा अहसास होता है।
- पेट का दर्द (Abdominal Pain): गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं के कारण पेट में दर्द हो सकता है जिससे व्यक्ति की खानपान की आदतें बदल सकती हैं।
- खाने की अनियमितता (Changes in Appetite): थायराइड या गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं के कारण व्यक्ति की भूख में परिवर्तन हो सकता है, जिससे वह अधिक खाना खाता है और वजन में वृद्धि हो सकती है।
- पेट में सूजन (Abdominal Swelling): यह एक गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्या है जिसमें पेट में वृद्धि होती है और इसके कारण व्यक्ति को अनुकूल नहीं लगता है।
- खाना पचाने में समस्या (Digestive Issues): अगर आपके पाचन सिस्टम में समस्या है तो खाना पचने में समय लग सकता है और यह वजन बढ़ा सकता है।
अगर आपको ऐसे लक्षण महसूस होते हैं तो डॉक्टर से मास्टर कंसल्टेंटेंट का सलाह लेना चाहिए। उन्हें आपकी स्थिति का अच्छी तरह से निरीक्षण करने की क्षमता होती है और उन्हें सही निदान और उपचार की जांच करने के लिए आवश्यक टेस्ट कराने के लिए आवश्यक जानकारी होती है।
थकान और कमजोरी
थायराइड समस्या में थकान और कमजोरी एक सामान्य लक्षण हो सकते हैं। यह व्यक्ति की दिनचर्या को प्रभावित कर सकता है और वे अपनी सामान्य क्षमताओं में कमी महसूस कर सकते हैं। ये लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं:
- अत्यधिक थकान (Excessive Fatigue): थायराइड समस्या में व्यक्ति को अधिक थकान की अनुभूति होती है, जिससे वह अक्सर थका हुआ महसूस करता है, भले ही वह पर्याप्त आराम और नींद ले रहा हो।
- कमजोरी (Weakness): थायराइड समस्या के कारण शरीर की क्षमता में कमी होती है, जिससे व्यक्ति को कमजोरी की अनुभूति होती है।
- बेहोशी की अवस्था (Lethargy): यह एक अन्य लक्षण हो सकता है, जिसमें व्यक्ति को अनिच्छित बेहोशी की अवस्था का सामना करना पड़ता है।
- जुकाम या जुबां फूलना (Swelling): थायराइड समस्या के कारण व्यक्ति के जुकाम या जुबां में सूजन हो सकती है।
- शारीरिक स्थिति में बदलाव (Physical Changes): थायराइड समस्या से वजन बढ़ने के साथ-साथ व्यक्ति के शारीरिक ढंग में भी परिवर्तन हो सकते हैं, जैसे कि चेहरे पर पानी की सूजन, त्वचा में सूजन या सूखापन।
- दिल की धड़कन की गति में परिवर्तन (Changes in Heart Rate): थायराइड समस्या के कारण ह्रदय की धड़कन में असमान या असमय गति के बदलाव हो सकते हैं।
- ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई (Difficulty Concentrating): थायराइड समस्या के कारण मानसिक स्पष्टता में कमी हो सकती है, जिससे व्यक्ति को ध्यान केंद्रित करने में मुश्किल हो सकती है।
- उच्च थकाना और अवसाद (Chronic Fatigue and Depression): थायराइड समस्या से व्यक्ति उच्च थकाना और अवसाद की अनुभूति कर सकता है।
यदि आपको लगता है कि आपके थकान और कमजोरी का कारण थायराइड समस्या हो सकती है, तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर आपके लक्षणों का विश्लेषण करेंगे और उचित उपचार का सुझाव देंगे। वे आपके लिए आवश्यक टेस्ट और जांच करेंगे ताकि सही निदान और उपचार की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
चरम ठंडा और ठंडापन
थायराइड समस्या में चरम ठंडा और ठंडापन (extreme cold intolerance) भी एक सामान्य लक्षण हो सकते हैं। यह लक्षण व्यक्ति की अन्यायक्रियाएं प्रभावित कर सकते हैं और वे ठंडे मौसम के तहत सामान्य स्थितियों में भी अधिक ठंडे महसूस कर सकते हैं। निम्नलिखित हैं कुछ व्यापक ठंडापन और चरम ठंडापन के लक्षण:
- ठंडापन (Cold Sensitivity): यह लक्षण सर्दी में अधिक संवेदनशीलता को दर्शाता है। व्यक्ति को सामान्य स्थितियों में भी ठंडे हवा को अधिक अनुभव कर सकता है।
- हाथ-पैरों की सर्दी (Cold Hands and Feet): थायराइड समस्या से व्यक्ति के हाथ और पैर ठंडे या ठंडे हो सकते हैं, जिन्हें हम “रे नॉड्स” कहते हैं।
- चरम ठंडा (Extreme Cold Intolerance): यह अधिक गंभीर स्थिति है जिसमें व्यक्ति के लिए सामान्य स्थितियों में भी ठंडा बहुत होता है।
- ठंड की अधिकता (Feeling Excessively Cold): थायराइड समस्या के कारण व्यक्ति अधिक ठंडा महसूस कर सकता है, जिससे वे ठंडा रहने की अनुभूति कर सकते हैं।
- रक्त संचार में विचलन (Circulation Changes): थायराइड समस्या के कारण व्यक्ति के रक्त संचार में विचलन हो सकता है, जिससे उन्हें ठंडे हाथ और पैर हो सकते हैं।
- सर्दी या शीतलता (Sensitivity to Cold): व्यक्ति को ठंडी हवा या ठंडे पानी के संपर्क में आकर ज्यादा ठंडी महसूस हो सकती है।
- शिशुवृद्धि में बाधा (Stunted Growth): बच्चों में थायराइड समस्या के कारण शिशुवृद्धि में बाधा हो सकती है, जिससे उन्हें ठंडे मौसम में अधिक ठंडा लग सकता है।
यदि आपको लगता है कि आपके ठंडापन और चरम ठंडापन का कारण थायराइड समस्या हो सकती है, तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर आपके लक्षणों का विश्लेषण करेंगे और उचित उपचार का सुझाव देंगे। वे आपके लिए आवश्यक टेस्ट और जांच करेंगे ताकि सही निदान और उपचार की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
त्वचा और बालों की समस्याएं
थायराइड समस्या में त्वचा और बालों की समस्याएं भी हो सकती हैं। यह लक्षण व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। निम्नलिखित हैं कुछ थायराइड समस्या के लक्षण जो त्वचा और बालों से संबंधित हो सकते हैं:
- सूखी त्वचा (Dry Skin): थायराइड समस्या के कारण त्वचा में सुरक्षित तेलों की कमी हो सकती है, जिससे त्वचा सूखी और बेजान हो सकती है।
- त्वचा की खुजली (Itchy Skin): थायराइड समस्या से त्वचा की खुजली हो सकती है, जो अक्सर त्वचा की सुरक्षितता में कमी के कारण होती है।
- अक्ने और पिम्पल्स (Acne and Pimples): थायराइड समस्या के कारण हार्मोनल परिवर्तन हो सकते हैं, जिससे त्वचा पर अक्ने और पिम्पल्स हो सकते हैं।
- हाथ-पैरों की सूजन (Swelling of Hands and Feet): थायराइड समस्या से अक्सर हाथ और पैर सूजने लगते हैं, जिन्हें हम “रे नॉड्स” कहते हैं।
- गहरा रंग (Hyperpigmentation): थायराइड रोगी के चेहरे और शरीर के अन्य भागों पर गहरा रंग हो सकता है।
- बालों की समस्याएँ (Hair Problems): थायराइड समस्या के कारण बालों की गिरना, रुखा पड़ना, बालों की गंजापन, या बालों की सूखापन की समस्याएँ हो सकती हैं।
- थकावट और निराशा (Fatigue and Depression): थायराइड समस्या के कारण व्यक्ति को अधिक थकावट और निराशा की अनुभूति हो सकती है, जो उनकी त्वचा के स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकती है।
- नाखूनों की समस्याएँ (Nail Problems): थायराइड समस्या से नाखूनों में बेहद कमजोरी, टूटना, और रंग का परिवर्तन हो सकता है।
यदि आपको लगता है कि आपकी त्वचा और बालों की समस्याएं थायराइड समस्या के कारण हो सकती हैं, तो आपको डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। डॉक्टर आपके लक्षणों का विश्लेषण करेंगे और आवश्यक टेस्ट और जांच करेंगे ताकि सही निदान और उपचार का सुझाव दे सकें। वे आपके लिए सही दवाओं और उपायों की सिफारिश करेंगे जिससे आपकी त्वचा और बालों की समस्याएँ सुधार सकती हैं।
दिल की समस्याएं
थायराइड समस्या के कुछ लक्षण हो सकते हैं जो दिल की समस्याओं का कारण बन सकते हैं। यह लक्षण व्यक्ति के हृदय के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं और इनमें निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं:
- हृदय की धड़कन का अनियमित होना (Irregular Heartbeat): थायराइड समस्या के कारण हृदय की धड़कन अनियमित हो सकती है, जिसे अर्थिक रूप से “अरिथमिया” कहा जाता है।
- हार्ट पल्पिटेशन (Heart Palpitations): थायराइड अधिकता या कमी के कारण व्यक्ति को हार्ट पल्पिटेशन, यानी अत्यधिक हृदय की धड़कन का अहसास हो सकता है।
- अच्छा हृदय दर (Low Heart Rate): हाइपोथायराइडिज्म के कारण हृदय दर कम हो सकती है, जिसे “ब्राडीकार्डिया” कहा जाता है।
- हार्ट ब्लॉक (Heart Block): थायराइड समस्या से हृदय की विशेष प्रकार की रक्त संचार की समस्याएं हो सकती हैं, जिसे हार्ट ब्लॉक कहा जाता है।
- चेस्ट में दर्द (Chest Pain): कई बार थायराइड समस्याएं हृदय की स्थिति को प्रभावित कर सकती हैं और इसके परिणामस्वरूप व्यक्ति को चेस्ट में दर्द का अहसास हो सकता है।
- हार्ट फेलियर (Heart Failure): थायराइड समस्या के अधिक या कम होने से हार्ट की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है और इससे हार्ट फेलियर की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
- रक्तचाप की समस्याएँ (Blood Pressure Issues): थायराइड समस्या से रक्तचाप में विचलन हो सकता है, जिससे व्यक्ति को हाइपरटेंशन या हाइपोटेंशन की समस्या हो सकती है।
- दिल के विस्तार की समस्याएँ (Cardiac Enlargement): थायराइड अधिकता के कारण दिल का आकार बड़ा हो सकता है, जिसे “कार्डिएकमेगली” कहा जाता है।
- स्ट्रोक (Stroke): अगर थायराइड समस्या से हाई ब्लड प्रेशर या अरिथमिया होती है, तो यह स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ा सकता है।
यदि आपको लगता है कि आपके दिल के समस्याओं का कारण थायराइड समस्या हो सकती है, तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर आपके लक्षणों का विश्लेषण करेंगे और आवश्यक टेस्ट और जांच करेंगे ताकि सही निदान और उपचार का सुझाव दे सकें। वे आपके लिए सही दवाओं और उपायों की सिफारिश करेंगे जिससे आपके दिल के समस्याएँ सुधार सकती हैं।
मानसिक समस्याएं
थायराइड समस्या के लक्षणों में मानसिक समस्याएं भी शामिल हो सकती हैं। यह लक्षण व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं और इनमें निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं:
- अवसाद (Depression): थायराइड अधिकता या कमी के कारण व्यक्ति अवसाद की अनुभूति कर सकता है।
- अधिक चिंता या चिंताएं (Anxiety): थायराइड समस्या के कारण व्यक्ति को अधिक चिंता, अतिचिंतन या अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं।
- अव्यावस्थितता (Irritability): हाइपरथायराइडिज्म (थायराइड की अधिकता) के कारण व्यक्ति अधिक चिड़चिड़ापन या अव्यावस्थित भावना का सामना कर सकता है।
- स्लीप डिसऑर्डर (Sleep Disorders): थायराइड समस्या से व्यक्ति को नींद में परेशानी हो सकती है, जैसे कि इंसोमनिया (नींद की कमी) या अनियमित सोने की अवस्था।
- ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई (Difficulty Concentrating): थायराइड समस्या के कारण ध्यान केंद्रित करने में मुश्किल हो सकती है और मानसिक तनाव की स्थितियों में बदलाव हो सकता है।
- स्वार्थ की अवस्था (Self-Esteem Issues): थायराइड समस्या से व्यक्ति को स्वार्थ की कमी की अनुभूति हो सकती है, जिससे वह अपने आप पर निराश हो सकता है।
- मानसिक असंतुलन (Mood Swings): थायराइड समस्या से मानसिक असंतुलन भी हो सकता है, जिससे व्यक्ति के मूड अक्सर बदल सकते हैं।
- पागलपन की अवस्था (Psychosis): थायराइड समस्या के गंभीर मामलों में व्यक्ति को पागलपन की अवस्था भी हो सकती है, जिसमें वह वास्तविकता से अलग हो जाता है।
- खुद से दूरी (Social Withdrawal): मानसिक समस्याएं व्यक्ति को सामाजिक जीवन से अलग कर सकती हैं और उन्हें लोगों से दूर रहने की भावना हो सकती है।
- मानसिक अस्वस्थता के अन्य लक्षण (Other Mental Health Symptoms): थायराइड समस्या से अन्य मानसिक समस्याएं भी हो सकती हैं, जैसे कि पीटीएसडी (PTSD), अधिक चिंता, उत्पीड़न, आदि।
यदि आपको लगता है कि आपकी मानसिक समस्याएं थायराइड समस्या के कारण हो सकती हैं, तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर आपके लक्षणों का विश्लेषण करेंगे और आवश्यक टेस्ट और जांच करेंगे ताकि सही निदान और उपचार का सुझाव दे सकें। वे आपके लिए सही दवाओं और मानसिक स्वास्थ्य के लिए उपायों की सिफारिश करेंगे जिससे आपकी मानसिक समस्याएं सुधार सकती हैं।
मांसपेशियों का दर्द
थायराइड समस्या के कारण व्यक्ति को मांसपेशियों में दर्द की समस्या हो सकती है। यह दर्द अक्सर गंभीरता की ओर इशारा कर सकता है और इसका मतलब हो सकता है कि आपकी थायराइड समस्या जितनी गंभीर हो सकती है। निम्नलिखित हैं कुछ लक्षण जो मांसपेशियों में दर्द की समस्या को दर्शा सकते हैं:
- मांसपेशियों में अकड़न और दर्द (Muscle Stiffness and Pain): थायराइड समस्या के कारण व्यक्ति को मांसपेशियों में अकड़न और दर्द की समस्या हो सकती है। यह दर्द अक्सर हड्डियों और मांसपेशियों की संरचना में होने वाली विकृतियों के कारण होता है।
- मांसपेशियों की अत्यधिक चोट या चोट के बिना दर्द (Excessive Soreness or Pain Without Injury): थायराइड रोग के कारण व्यक्ति को अत्यधिक मांसपेशियों में चोट या दर्द का अनुभव हो सकता है, जो कि बिना किसी चोट के होता है।
- स्वेलिंग और इंफ्लेमेशन (Swelling and Inflammation): मांसपेशियों में स्वेलिंग और इंफ्लेमेशन की समस्या भी हो सकती है, जिससे व्यक्ति को दर्द की अनुभूति होती है।
- मांसपेशियों की थकान (Muscle Fatigue): थायराइड समस्या के कारण व्यक्ति को मांसपेशियों की अत्यधिक थकान की समस्या हो सकती है।
- मांसपेशियों में गौरा (Muscle Weakness): थायराइड अधिकता या कमी के कारण मांसपेशियों में कमजोरी की समस्या भी हो सकती है।
- मांसपेशियों की कुचलाव (Cramping of Muscles): थायराइड समस्या के कारण मांसपेशियों में अचानक या अधिक कुचलाव की समस्या भी हो सकती है।
- जोड़ों में दर्द (Joint Pain): मांसपेशियों के दर्द के साथ-साथ जोड़ों में भी दर्द की समस्या हो सकती है, जो थायराइड समस्या के कारण होती है।
- मांसपेशियों में छलांग (Muscle Twitches): थायराइड समस्या के कारण व्यक्ति को मांसपेशियों में छलांग की समस्या हो सकती है, जिससे उन्हें अनियमित हिचकियाँ आ सकती हैं।
- सीने में दर्द (Chest Pain): कुछ मामलों में, थायराइड समस्या के कारण मांसपेशियों में दर्द सीने में भी हो सकता है। यह दर्द अक्सर गंभीरता का संकेत हो सकता है और इसे तुरंत डॉक्टर से साझा करना चाहिए।
यदि आपको लगता है कि आपके मांसपेशियों में दर्द की समस्या थायराइड समस्या के कारण हो सकती है, तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर आपके लक्षणों का विश्लेषण करेंगे और आवश्यक टेस्ट और जांच करेंगे ताकि सही निदान और उपचार का सुझाव दे सकें। वे आपके लिए सही दवाओं और उपायों की सिफारिश करेंगे जिससे आपके मांसपेशियों में दर्द की समस्या सुधार सकती है।
सारांश
थायराइड ग्रंथि के असंतुलन से मोटापा या वजन बढ़ना एक सामान्य लक्षण हो सकता है। इसके अलावा, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं, थकान, ठंडापन, त्वचा और बालों की समस्याएं, दिल की समस्याएं, मानसिक समस्याएं, और मांसपेशियों का दर्द भी संभावित हैं। अगर आपको इन लक्षणों में से कोई भी महसूस होता है, तो आपको डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। सही उपचार और स्वस्थ जीवनशैली से, थायराइड संबंधित मोटापे का सही समाधान निकाला जा सकता है।
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मोटे होने वाले थायराइड में क्या नहीं खाना चाहिए
थायराइड एक महत्वपूर्ण अंग है जो शरीर के ऊर्जा स्तर को नियंत्रित करता है। थायराइड अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह मोटापे और वजन नियंत्रण में भी योगदान देता है। मोटे होने वाले थायराइड में सही आहार बहुत महत्वपूर्ण है। यहां कुछ खाद्य पदार्थ हैं जिन्हें थायराइड रोगी को अपनी डाइट से दूर रहना चाहिए:
क्रिटिकल न्यूट्रिएंट्स की कमी: मोटे होने वाले थायराइड में क्या नहीं खाना चाहिए
थायराइड रोग के मरीजों के लिए सही आहार का चयन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों की उपयोगिता और हानिकारकता के बारे में जानकारी होना जरूरी है। यहां कुछ पदार्थ हैं जिन्हें थायराइड रोगी अपनी डाइट से दूर रख सकते हैं क्योंकि इन्हें खाने से थायराइड रोग में उन्हें कमी हो सकती है:
1. सोया उत्पाद
- कारण: सोया उत्पाद में विटामिन बी12, जिंक, और योडीन की कमी होती है जो थायराइड के संतुलन को प्रभावित कर सकती है।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी इसे न करें।
2. अनाजों में अंतिमूल्यन कॉलेस्ट्रॉल
- कारण: ब्राउन राइस, क्विनोआ, ओट्समील, और अन्य अनाजों में कॉलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक होती है, जो थायराइड स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को इन्हें पर्याप्त मात्रा में खाना चाहिए।
3. कॉफीन
- कारण: कॉफीन थायराइड के ऊर्जा स्तर को बढ़ा सकता है और थायराइड उत्पादन को प्रभावित कर सकता है।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को अत्यधिक कॉफीन से बचना चाहिए।
4. रेड मीट
- कारण: अधिक मात्रा में रेड मीट का सेवन थायराइड रोग के संबंध में जोड़ों में दर्द और सूजन को बढ़ा सकता है।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को रेड मीट का सेवन कम करना चाहिए।
5. शुगर और प्रोसेस्ड फूड्स
- कारण: ये खाद्य पदार्थ अत्यधिक रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स का स्रोत हो सकते हैं जो वजन वृद्धि और थायराइड के संतुलन को बिगाड़ सकते हैं।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को शुगर और प्रोसेस्ड फूड्स से दूर रहना चाहिए।
6. ब्रॉकोली और बंगाली बादाम
- कारण: इनमें थायराइड को नकारात्मक प्रभाव डालने वाले गोइट्रोजेन होते हैं जो थायराइड स्वास्थ्य को खतरे में डाल सकते हैं।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को इनका अत्यधिक सेवन नहीं करना चाहिए।
7. अत्यधिक अंतिमूल्यन कॉलेस्ट्रॉल और फैट्स
- कारण: अधिक मात्रा में अंतिमूल्यन कॉलेस्ट्रॉल और अत्यधिक फैट्स का सेवन थायराइड स्वास्थ्य को अधिक प्रभावित कर सकता है।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को अधिक अंतिमूल्यन कॉलेस्ट्रॉल और फैट्स से बचना चाहिए।
8. अल्कोहल
- कारण: अल्कोहल थायराइड रोग के साथ संयोजन को बिगाड़ सकता है और इसके लक्षणों को बढ़ा सकता है।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को अत्यधिक अल्कोहल से दूर रहना चाहिए।
9. अन्य अधिकता क्रियाएं
- कारण: अधिक समय तक बैठकर काम करना और अत्यधिक स्क्रीन टाइम थायराइड के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।
- खाना चाहिए या नहीं: स्क्रीन टाइम को कम करना और नियमित व्यायाम करना थायराइड के स्वास्थ्य के लिए उपयुक्त होता है।
सारांश
थायराइड रोगी को इन खाद्य पदार्थों से दूर रहना चाहिए जो उनके थायराइड स्तर को अधिक प्रभावित कर सकते हैं और स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं। सही आहार चयन से उन्हें थायराइड रोग के लक्षणों को कम करने और स्वस्थ जीवन जीने में मदद मिल सकती है। इसलिए, सलाहकार या चिकित्सक की सलाह के अनुसार उन्हें आपकी डाइट में संशोधन करना चाहिए।
यहाँ दी गई जानकारी केवल सामान्य सलाह के रूप में है और आपके विशेष मामले के लिए डॉक्टर से परामर्श करना हमेशा उचित है। अपनी डाइट और व्यवहार पर नियंत्रण रखने के लिए आपके चिकित्सक या पोषण सलाहकार की सलाह का सख्ती से पालन करें।
स्वेलिंग और इंफ्लेमेशन: मोटे होने वाले थायराइड में क्या नहीं खाना चाहिए
थायराइड रोग के मरीजों के लिए एक स्वस्थ और संतुलित आहार का चयन करना बहुत महत्वपूर्ण है। सही आहार चयन से उन्हें थायराइड रोग के लक्षणों को कम करने और स्वस्थ जीवन जीने में मदद मिल सकती है। यहां कुछ खाद्य पदार्थ हैं जिन्हें थायराइड रोगी अपनी डाइट से दूर रख सकते हैं क्योंकि इन्हें खाने से थायराइड रोग में उन्हें कमी हो सकती है:
1. अन्य गोइट्रोजेनिक फूड्स
- कारण: गोइट्रोजेनिक फूड्स जैसे कि ब्रॉकोली, क्याबेज, ब्रसेल्स स्प्राउट्स आदि इंफ्लेमेशन को बढ़ा सकते हैं और स्वेलिंग का कारण बन सकते हैं।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को इनका अत्यधिक सेवन नहीं करना चाहिए।
2. आलू, टमाटर, बैंगन, और शिमला मिर्च
- कारण: इन सब्जियों में सॉलाइट या ओक्सलेट की मात्रा अधिक होती है जो स्वेलिंग और इंफ्लेमेशन को बढ़ा सकते हैं।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को इनका सेवन मात्रा में रखना चाहिए।
3. अन्य प्रोसेस्ड फूड्स और आपूर्ति
- कारण: अधिक अनुपस्थिति, एडिटिव्स, और प्रोसेस्ड सामग्री स्वेलिंग और इंफ्लेमेशन को बढ़ा सकते हैं।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को प्रोसेस्ड फूड्स से दूर रहना चाहिए और स्वस्थ विकल्पों का चयन करना चाहिए।
4. अत्यधिक नमक
- कारण: अधिक नमक का सेवन स्वेलिंग और इंफ्लेमेशन को बढ़ा सकता है।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को नमक की मात्रा कम करना चाहिए।
5. अधिक अंतिमूल्यन कॉलेस्ट्रॉल
- कारण: अधिक अंतिमूल्यन कॉलेस्ट्रॉल का सेवन स्वेलिंग और इंफ्लेमेशन को बढ़ा सकता है।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को अधिक अंतिमूल्यन कॉलेस्ट्रॉल वाले खाद्य पदार्थों से दूर रहना चाहिए।
6. अल्कोहोल
- कारण: अल्कोहोल का सेवन स्वेलिंग और इंफ्लेमेशन को बढ़ा सकता है।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को अत्यधिक अल्कोहोल से दूर रहना चाहिए।
सारांश
स्वेलिंग और इंफ्लेमेशन की समस्याओं से ग्रसित थायराइड रोगी को इन खाद्य पदार्थों से दूर रहना चाहिए जो उनके स्वास्थ्य को और अधिक प्रभावित कर सकते हैं। सही आहार चयन से उन्हें थायराइड रोग के लक्षणों को कम करने और स्वस्थ जीवन जीने में मदद मिल सकती है। इसलिए, सलाहकार या चिकित्सक की सलाह के अनुसार उन्हें आपकी डाइट में संशोधन करना चाहिए।
यहाँ दी गई जानकारी केवल सामान्य सलाह के रूप में है और आपके विशेष मामले के लिए डॉक्टर से परामर्श करना हमेशा उचित है। अपनी डाइट और व्यवहार पर नियंत्रण रखने के लिए आपके चिकित्सक या पोषण सलाहकार की सलाह का सख्ती से पालन करें।
गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं: मोटे होने वाले थायराइड में क्या नहीं खाना चाहिए
थायराइड रोग के मरीजों के लिए एक स्वस्थ और संतुलित आहार का चयन करना बहुत महत्वपूर्ण है, खासकर जब वे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं से ग्रसित होते हैं। यहां कुछ आहार हैं जिन्हें थायराइड रोगी अपनी डाइट से दूर रख सकते हैं क्योंकि इन्हें खाने से थायराइड रोग में उन्हें कमी हो सकती है:
1. डेयरी उत्पाद
- कारण: डेयरी उत्पाद में लैक्टोज की मात्रा अधिक हो सकती है जो थायराइड स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं का कारण बन सकती है।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को डेयरी उत्पादों को सीमित मात्रा में खाना चाहिए।
2. बारिश्ठ या तला हुआ खाना
- कारण: अधिक तेल या मसालेदार खाना गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं का कारण बन सकता है।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को तला हुआ या बारिश्ठ खाना नहीं खाना चाहिए।
3. कॉफी और अल्कोहल
- कारण: कॉफी और अल्कोहोल गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल इंफ्लेमेशन को बढ़ा सकते हैं।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को कॉफी और अल्कोहोल की मात्रा कम करनी चाहिए।
4. अधिक सिट्रस फल
- कारण: सिट्रस फलों में अधिक एसिड हो सकता है जो गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं को बढ़ा सकता है।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को सिट्रस फलों की मात्रा कम करनी चाहिए।
5. अधिक फाइबर
- कारण: अधिक फाइबर युक्त भोजन गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं को बढ़ा सकता है।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को फाइबर युक्त आहार की समय से बढ़ती मात्रा से बचना चाहिए।
6. चिप्स, बिस्कुट्स, और तली हुई चीजें
- कारण: ये तली हुई और प्रोसेस्ड खाने गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं को बढ़ा सकते हैं।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को इनका सेवन कम करना चाहिए।
7. बहुत अधिक मिठाई और चीनी
- कारण: अधिक चीनी वाला आहार गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं का कारण बन सकता है।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को मिठाई की मात्रा को सीमित रखना चाहिए।
8. प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स
- कारण: ये आहार तंतुओं की बढ़ती संख्या से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं को बढ़ा सकते हैं।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स की मात्रा को सीमित रखना चाहिए।
सारांश
थायराइड रोग के मरीजों को इन आहारों को सीमित मात्रा में खाने की सलाह दी जाती है ताकि उनके गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्वास्थ्य को कोई अधिक प्रभाव न हो। यह सभी तरह के खाद्य पदार्थों को समझने के लिए और डाइट को संतुलित बनाए रखने के लिए सलाहकार या चिकित्सक की सलाह लेना फायदेमंद हो सकता है। इसलिए, थायराइड रोगी को अपनी डाइट में संशोधन करने के लिए डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी और सूचना के लिए है, और किसी भी चिकित्सा सलाह या निदान के बिना कोई भी इसे अपनाने से पहले चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए। अपने स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लेने के बिना, कोई भी नई आहार या उपाय शुरू न करें।
वजन नियंत्रण: मोटे होने वाले थायराइड में क्या नहीं खाना चाहिए
थायराइड रोग के मरीजों के लिए वजन नियंत्रण का मामला खासी महत्वपूर्ण होता है। वजन को संतुलित रखने के लिए और स्वास्थ्य को सुधारने के लिए कुछ खाद्य पदार्थ हैं जिन्हें थायराइड रोगी अपनी डाइट से दूर रख सकते हैं। यहां कुछ खाद्य पदार्थ हैं जो थायराइड रोगी व्यक्ति को अपनी डाइट से अलग रखने के लिए सलाह दी जाती है:
1. अन्य गोइट्रोजेनिक फूड्स
- कारण: गोइट्रोजेनिक फूड्स जैसे कि ब्रॉकोली, क्याबेज, ब्रसेल्स स्प्राउट्स आदि वजन बढ़ने के साथ साथ थायराइड स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकते हैं।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को इनका अत्यधिक सेवन नहीं करना चाहिए।
2. अन्य सूचीय आहार
- कारण: सूचीय आहार जैसे कि सोया प्रोडक्ट्स, मूँगफली, मक्खन, सर्सों का तेल, खासी ब्रेड आदि थायराइड के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को इनके सेवन को सीमित करना चाहिए।
3. स्टार्ची और अन्य कार्बोहाइड्रेट्स
- कारण: अधिक मात्रा में स्टार्ची और कार्बोहाइड्रेट्स का सेवन थायराइड रोग में वजन बढ़ाने के लिए हानिकारक हो सकता है।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को अधिक स्टार्ची और कार्बोहाइड्रेट्स युक्त आहार से दूर रहना चाहिए।
4. अत्यधिक नमक
- कारण: अधिक नमक का सेवन वजन बढ़ने में मदद कर सकता है और थायराइड स्वास्थ्य को अधिक प्रभावित कर सकता है।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को अधिक नमक युक्त आहार से बचना चाहिए।
5. अधिक अंतिमूल्यन कॉलेस्ट्रॉल
- कारण: अधिक अंतिमूल्यन कॉलेस्ट्रॉल का सेवन वजन बढ़ने में मदद कर सकता है।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को अधिक अंतिमूल्यन कॉलेस्ट्रॉल वाले खाद्य पदार्थों से दूर रहना चाहिए।
6. अल्कोहोल
- कारण: अल्कोहोल का सेवन वजन बढ़ने के लिए हानिकारक हो सकता है।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को अत्यधिक अल्कोहोल से दूर रहना चाहिए।
सारांश
वजन नियंत्रण के मामले में थायराइड रोगी को इन खाद्य पदार्थों को सीमित मात्रा में खाना चाहिए जो उनके स्वास्थ्य को और अधिक प्रभावित कर सकते हैं। सही आहार चयन से उन्हें थायराइड रोग के लक्षणों को कम करने और स्वस्थ जीवन जीने में मदद मिल सकती है। इसलिए, सलाहकार या चिकित्सक की सलाह के अनुसार उन्हें आपकी डाइट में संशोधन करना चाहिए।
यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सलाह के रूप में है और आपके विशेष मामले के लिए डॉक्टर से परामर्श करना हमेशा उचित है। अपनी डाइट और व्यवहार पर नियंत्रण रखने के लिए आपके चिकित्सक या पोषण सलाहकार की सलाह का सख्ती से पालन करें।
विविध लक्षणों का ध्यान रखना: मोटे होने वाले थायराइड में क्या नहीं खाना चाहिए
थायराइड रोग के मरीजों के लिए अपनी डाइट में सुधार करना बहुत महत्वपूर्ण होता है। विविध लक्षणों को ध्यान में रखते हुए, यहां कुछ खाद्य पदार्थ हैं जिन्हें थायराइड रोगी अपनी डाइट से दूर रख सकते हैं क्योंकि इन्हें खाने से उनके स्वास्थ्य पर अधिक असर पड़ सकता है।
1. अन्य गोइट्रोजेनिक फूड्स
- कारण: गोइट्रोजेनिक फूड्स जैसे कि सोया प्रोडक्ट्स, मूंगफली, ब्रोकोली, ब्रसेल्स स्प्राउट्स आदि में मौजूद गोइट्रोजेन के कारण थायराइड रोग की समस्याएं बढ़ सकती हैं।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को इन फूड्स को सीमित मात्रा में खाना चाहिए।
2. अन्य सूचीय आहार
- कारण: सूचीय आहार जैसे कि कॉफी, अल्कोहल, बारिश्ठ और तला हुआ खाना, तेल और चिप्स वगैरह थायराइड स्वास्थ्य के लिए अच्छी नहीं हो सकते हैं।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को इन आहारों को सीमित करना चाहिए।
3. स्टार्ची और अन्य कार्बोहाइड्रेट्स
- कारण: अधिक मात्रा में स्टार्ची और कार्बोहाइड्रेट्स का सेवन थायराइड रोग में वजन बढ़ाने के लिए हानिकारक हो सकता है।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को अधिक स्टार्ची और कार्बोहाइड्रेट्स युक्त आहार से दूर रहना चाहिए।
4. अधिक नमक
- कारण: अधिक नमक का सेवन वजन बढ़ने में मदद कर सकता है और थायराइड स्वास्थ्य को अधिक प्रभावित कर सकता है।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को अधिक नमक युक्त आहार से बचना चाहिए।
5. अधिक अंतिमूल्यन कॉलेस्ट्रॉल
- कारण: अधिक अंतिमूल्यन कॉलेस्ट्रॉल का सेवन वजन बढ़ने में मदद कर सकता है।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को अधिक अंतिमूल्यन कॉलेस्ट्रॉल वाले खाद्य पदार्थों से दूर रहना चाहिए।
6. अल्कोहोल
- कारण: अल्कोहोल का सेवन वजन बढ़ने के लिए हानिकारक हो सकता है।
- खाना चाहिए या नहीं: थायराइड रोगी को अत्यधिक अल्कोहोल से दूर रहना चाहिए।
सारांश
विविध लक्षणों को ध्यान में रखते हुए, थायराइड रोगी को अपनी डाइट में इन खाद्य पदार्थों को सीमित मात्रा में खाना चाहिए। इससे उनके स्वास्थ्य को सुधारने में मदद मिल सकती है और अधिक समस्याओं को बचाने में मदद मिल सकती है। इसलिए, चिकित्सक या पोषण सलाहकार की सलाह के अनुसार उन्हें अपनी डाइट को संशोधित करना चाहिए। यह भी याद रखना जरूरी है कि यह सामग्री केवल सामान्य सलाह के रूप में है और किसी भी चिकित्सा सलाह या निदान के बिना कोई भी इसे अपनाने से पहले चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए। अपने स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लेने के बिना, कोई भी नई आहार या उपाय शुरू न करें।
सारांश: मोटे होने वाले थायराइड में क्या नहीं खाना चाहिए
थायराइड रोगी को अपने आहार में स्वस्थ और योग्य पदार्थ शामिल करने चाहिए। उन्हें अत्यधिक रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स, शुगर, और प्रोसेस्ड फूड्स से बचना चाहिए और बजाय इसे, वे अंतिमूल्यन कॉलेस्ट्रॉल, सोडियम, कॉफीन, और अन्य विशेष खाद्य पदार्थों के उपयोग को कम करने की कोशिश कर सकते हैं। योग, व्यायाम और नियमित ध्यान भी उन्हें स्वस्थ और स्थिर रखने में मदद कर सकते हैं।
इस विशेष रोग स्थिति में स्वस्थ और संतुलित आहार का महत्वपूर्ण स्थान होता है। थायराइड रोगी को स्वस्थ वजन बनाए रखने के लिए खाद्य पदार्थों का सही संतुलन बनाए रखना चाहिए। इसलिए, वे उन खाद्य पदार्थों से दूर रहें जो उनकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं और स्वस्थ आहार को पसंद करें जो उनके थायराइड स्तर को संतुलित रखने में मदद कर सकते हैं।
इस रोग स्थिति में सही आहार चुनना अत्यंत महत्वपूर्ण है ताकि व्यक्ति की सेहत को कोई भी अवरोध न आए और वह निरंतर चिकित्सा के अंतर्गत रहे।
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FAQ | मोटे होने वाले थायराइड
प्रश्न: मोटे होने वाले थायराइड के लक्षण क्या होते हैं?
उत्तर: मोटे होने वाले थायराइड के लक्षण में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं:
– वजन बढ़ना या मुश्किल से वजन कम होना
– थकान और कमजोरी का अहसास
– चरम ठंडापन या ठंडापन महसूस होना
– त्वचा की सूखावट या रूखापन
– बालों का झड़ना या रूखापन
– दिल की धड़कन का अनियमित होना
– मानसिक समस्याएं जैसे कि डिप्रेशन, चिंता, या उतार-चढ़ाव
– मांसपेशियों का दर्द या दर्द की अनुभूति
– गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं जैसे कि कब्ज, पेट में गैस, या एसिडिटी
प्रश्न: मोटे होने वाले थायराइड के लिए उपचार क्या होता है?
उत्तर: मोटे होने वाले थायराइड के उपचार में डॉक्टर आपके लक्षणों, रोग की गंभीरता और आपकी स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर निर्धारित करेंगे। कुछ सामान्य उपाय शामिल हो सकते हैं:
– दवाओं का सेवन, जैसे कि थायरॉक्सिन
– आहार में परिवर्तन, जैसे कि थायराइड योग्य आहार का सेवन करना
– व्यायाम या योग का प्रैक्टिस करना
– नियमित रूप से थायराइड टेस्ट करना और डॉक्टर की सलाह लेना
प्रश्न: क्या थायराइड रोग के मरीज को कौन-कौन से आहार नहीं खाने चाहिए?
उत्तर: मोटे होने वाले थायराइड के मरीज को कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करना चाहिए जो उनके रोग को और अधिक बढ़ा सकते हैं:
– गोइट्रोजेनिक फूड्स जैसे कि सोया प्रोडक्ट्स, ब्रोकोली, कैबेज, मूंगफली आदि
– सूचीय आहार जैसे कि कॉफी, अल्कोहल, तेल, चिप्स आदि
– अधिक स्टार्ची और कार्बोहाइड्रेट्स वाले खाद्य पदार्थ
– अधिक नमक युक्त आहार
– अधिक अंतिमूल्यन कॉलेस्ट्रॉल वाले खाद्य पदार्थ
– अधिक अल्कोहोल
प्रश्न: क्या मोटे होने वाले थायराइड से पीड़ित मरीज व्यायाम कर सकते हैं?
उत्तर: हां, थायराइड रोगी व्यायाम कर सकते हैं लेकिन सही रूप से। निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
– अधिक से अधिक स्वस्थ्य व्यायाम करें, जैसे कि योग, ध्यान, व्यायाम या साहित्यिक प्रक्रियाएं
– उचित प्रकार के व्यायाम का चयन करें, जैसे कि वाकसान, ब्रिज, धनुरासन, भुजंगासन, आदि
– शारीरिक और मानसिक थकान या दर्द के लक्षण के दौरान व्यायाम को बंद करें और डॉक्टर से सलाह लें
ये कुछ सामान्य प्रश्न और उत्तर हैं जो मोटे होने वाले थायराइड से पीड़ित मरीजों के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। यह सलाह या उत्तर किसी भी चिकित्सा सलाहकार या विशेषज्ञ की सलाह और निदान के बिना लिया नहीं जाना चाहिए। अपने डॉक्टर से जांच और परामर्श के बिना किसी भी नई दवा, आहार या व्यायाम शुरू न करें।









